सफलता का रहस्य (Safalta Ka Rahasya) हिंदी कहानियां 

Safalta Ka Rahasya Hindi Khaniyan…

सफलता का असली रहस्य ज्ञान क्या है? जब यह प्रश्न एक युवक ने युनान के प्रसिद्ध दार्शनिक ज्ञानी महाराज सुकरात से किया तो इस प्रश्न के उत्तर में सुकरात ने उस युवक को कल सुबह नदी किनारे मिलने के लिए कहा।

 

फिर अगले दिन सुबह के समय (time) में वह नौजवान युवक और सुकरात दोनों नदी किनारे पहुंच गए। ज्ञानी महाराज सुकरात ने नौजवान युवक से उनके साथ पानी में आगे बढ़ने के लिए कहा। नौजवान युवक, ज्ञानी महाराजसुकरात के साथ नदी में बढ़ता चला गया  पानी की ओर। आगे बढ़ते- बढ़ते पानी गले तक आ गया। तभी अचानक ज्ञानी महाराज सुकरात ने उस युवक का सिर पकड़कर पानी में डुबो दिया। नौजवान युवक अपना सिर बाहर निकालने के लिए छटपटाने लगा। ज्ञानी महाराज सुकरात शरीर से ताकतवर थे इसलिए युवक का पानी से बाहर निकलने का हर एक प्रयास असफल होता जा रहा था।

 

जब नौजवान का शरीर नीला पड़ने लगा तब जाकर ज्ञानी महाराज सुकरात ने उस युवक को पानी से बाहर निकाला और बाहर निकलते ही जो काम नौजवान ने सबसे पहले किया वो था हाँफते हुए जल्दी-जल्दी सांस लेना शुरू कर दिया ।

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सुकरात ने उस नौजवान युवक से पूछा -जब तुम्हारा सिर पानी के भीतर था, तब तुम उस समय सबसे ज्यादा क्या चाहते थे?

 

नौजवान युवक ने बिना देर किये फटाक से उत्तर दिया – सांस लेना ज्ञानी महाराज ।

 

ज्ञानी महाराज सुकरात ने कहा – बस, यही सफलता का रहस्य है। जब तुम सफलता को उतना ही ज्यादा चाहोगे जितना कि तुम उस वक्त सांस लेना चाहते थे, तो वो तुम्हें जरूर मिल जाएगी।

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