लोहा खा गया घुन लोक कथा – Loha Kha Gaya Ghun Lok Katha

लोहा खा गया घुन लोक कथा – Loha Kha Gaya Ghun Lok Katha: एक बार दो दोस्त रामा और श्यामा अच्छे दोस्त के साथ व्यापार में मिल जुलकर के काम करते थे | दोनों का व्यापर बहुत अच्छे से चल रहा था | फिर एक दिन श्यामा ने रामा से कहा की कोई ऐसा धंधा करते है जिससे हमें ज्यादा फायदा हो और हमें ज्यादा कुछ करना भी नहीं पड़े | 

 

दोनों ने मिलकर लोहे के बेचने का धंधा शुरू किया, श्यामा ने रामा से कहा जब लोहे के दाम बढ़ेगा तब इसको बेचेंगे तो ज्यादा फायदा होगा | रमा ने कहा मैं सारे लोहे को अपने घर पर रख देता हूँ, मेरे यहाँ पर खाली जगह है | 

 

रामा अपने घर सारा खरीदा हुआ लोहा लेकर आया और उसमें से थोड़ा -थोड़ा करके बेचना शुरू कर दिया | 

 

Lohe ki Hindi Kahani…

 

कुछ दिनों के बाद श्यामा रामा के पास आया और कहा चलो लोहा को बेचते है अभी दाम बढ़ गया है | हमें ज्यादा फायदा होगा | श्यामा की बात को सुनकर रामा बोला की सरे लोहे को घुन खा गये | यह बात सुनकर श्यामा को बहुत गुस्सा आया, परन्तु कुछ नहीं बोला और अपने घर वापस आ गया | 

 

दो तीन दिनों के बाद गांव में शादी था | रामा के पास आया और कहने लगा अपने बेटे क साथ में भेज मैं जा रहा हूँ | रामा ने अपने 14 साल के लड़के को भेज दिया | शादी के दो दिन बाद भी उसका लड़का नहीं आया तो श्यामा के पास अपने लड़के के बारे में पूछने गया तो श्यामा ने बोला – उसको तो चिल उठा कर ले गया | यह बात सुनकर रामा गुस्स हो गया और कहने लगा अब तो राजा साहब ही न्याय करेंगे | 

 

दोनों राजा साहब के पास गये रामा ने अपनी बात राजा को बताई | राजा ने कहा भला कोई चिल 14 साल के लड़के को कैसे लेकर उड़ सकता है, तब श्यामा ने जवाब दिया | 

महाराज जैसे लोहे को घुन खा सकता है तो चिल भी ले जा सकता है | 

 

राजा को अब सारी बात समझ में आ गयी और रामा को आदेश दिया की श्यामा को उसके लोहे वापस कर दो और श्यामा तुम लड़के को वापस कर दो | 

 

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